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PNG से JPG: पारदर्शी हिस्सा काला नहीं, सफ़ेद भरता है

डालिए और बदल गया। पारदर्शी हिस्सा किस रंग से भरे, यह आप तय करें — डिफ़ॉल्ट सफ़ेद।

या खाली दस्तावेज़ बनाएँ

PNG बिना नुकसान के कंप्रेस करता है, इसलिए PNG में सेव की गई फ़ोटो अक्सर उसी इमेज के JPG से कई गुना भारी होती है। बदलने की वजह लगभग हमेशा साइज़ ही होती है — ईमेल अटैचमेंट, वेबसाइट पर अपलोड, या कोई भी जगह जहाँ साइज़ की सीमा हो।

ध्यान देने की बात सिर्फ़ एक है: JPG में पारदर्शिता नहीं होती। जहाँ मूल इमेज पारदर्शी थी वहाँ कुछ न कुछ भरना ही पड़ेगा, और बहुत से टूल चुपचाप काला भर देते हैं — इसीलिए लोग पूछते हैं कि "मेरी इमेज काली क्यों हो गई"। यहाँ वह रंग आप चुनते हैं और डिफ़ॉल्ट सफ़ेद है।

मुख्य विशेषताएँ

पारदर्शी हिस्सा डिफ़ॉल्ट में सफ़ेद, काला नहीं

अल्फ़ा के हिसाब से सही लीनियर ब्लेंडिंग होती है, इसलिए आधे-पारदर्शी किनारे मुलायम रहते हैं और कोई कड़ा बॉर्डर नहीं बनता। सफ़ेद, काला या हल्का स्लेटी चुनते ही नतीजा बदल जाता है।

क्वालिटी बदलिए, साइज़ साथ-साथ देखिए

डिफ़ॉल्ट 92% ऐसा स्तर है जिसे आँख से पहचानना मुश्किल है। नीचे लाने पर फ़ाइल काफ़ी छोटी हो जाती है, और डाउनलोड बटन पर अंतिम साइज़ लिखा रहता है।

कुछ अपलोड नहीं, गिनती की सीमा नहीं

कन्वर्ज़न आपके ब्राउज़र में ही पूरा होता है; इमेज का एक बाइट भी बाहर नहीं जाता। एक साथ दर्जन भर डालिए तो अपने आप बैच मोड बन जाता है और हर थंबनेल पर पहले/बाद दिखता है।

न रजिस्ट्रेशन, न वॉटरमार्क

खोलिए और इस्तेमाल कीजिए। नतीजे पर कोई निशान नहीं लगता।

कैसे इस्तेमाल करें

  1. 1
    अपना PNG डालिए
    खींचकर लाइए, क्लिक करके चुनिए, या Ctrl+V से पेस्ट कीजिए। कई एक साथ हों तो अपने आप बैच मोड।
  2. 2
    भरने का रंग चुनिए
    डिफ़ॉल्ट सफ़ेद। अगर आपकी इमेज में पारदर्शिता है ही नहीं तो इस सेटिंग से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।
  3. 3
    क्वालिटी तय कीजिए, साइज़ देखिए
    स्लाइडर घुमाइए; दाईं ओर नतीजा तुरंत बदलता है और बटन पर अंतिम साइज़ दिखता है।
  4. 4
    डाउनलोड कीजिए
    .jpg में सेव कीजिए, या एक क्लिक में प्रो एडिटर में ले जाइए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

JPG बनाने के बाद मेरा पारदर्शी बैकग्राउंड कहाँ गया?
वह आपके चुने रंग (डिफ़ॉल्ट सफ़ेद) से भर गया। यह हमारा फ़ैसला नहीं है — JPG फ़ॉर्मैट में अल्फ़ा चैनल होता ही नहीं: हर पिक्सेल में सिर्फ़ RGB तीन मान होते हैं, पारदर्शिता रखने की जगह नहीं। अगर उसे बचाना है तो JPG में मत बदलिए — PNG पर रहिए या WebP इस्तेमाल कीजिए।
क्या क्वालिटी घटती है?
घटती है, JPG लॉसी फ़ॉर्मैट है। डिफ़ॉल्ट 92% पर ज़्यादातर फ़ोटो आँख से अलग नहीं दिखतीं; लगभग 60% से नीचे ब्लॉक दिखने लगते हैं, ख़ासकर बड़े सादे रंग और टेक्स्ट के किनारों पर। अगर स्रोत स्क्रीनशॉट, लाइन आर्ट या टेक्स्ट वाली इमेज है तो JPG में बदलना आमतौर पर ग़लत चुनाव है — उस तरह की सामग्री के लिए PNG छोटा भी होता है और साफ़ भी।
क्या एक साथ बहुत सारी बदल सकते हैं? कोई सीमा है?
बदल सकते हैं, कोई सीमा नहीं। कई फ़ाइलें डालने पर बैच मोड चालू हो जाता है जहाँ हर थंबनेल ख़ुद ही मूल बनाम नतीजा है, और क्वालिटी बदलने पर सब दोबारा बनते हैं। रफ़्तार आपकी मशीन पर निर्भर है, हमारी लगाई किसी रोक पर नहीं — हम कोई रोक नहीं लगाते।
क्या मेरी इमेज सर्वर पर जाती हैं?
नहीं। डिकोडिंग, कन्वर्ज़न और एनकोडिंग सब आपके ब्राउज़र में होता है। आप ख़ुद जाँच सकते हैं: डेवलपर टूल का नेटवर्क पैनल खोलकर कन्वर्ट कीजिए — इमेज डेटा ले जाने वाली कोई रिक्वेस्ट नहीं दिखेगी।

अभी PNG से JPG: पारदर्शी हिस्सा काला नहीं, सफ़ेद भरता है आज़माएँ

पूरी तरह आपके ब्राउज़र में चलता है · कोई इंस्टॉल नहीं · कोई साइनअप नहीं · तस्वीरें कभी अपलोड नहीं होतीं